किसके लिए उपयोगी
- स्कैन में पैंक्रियास सिस्ट, गाँठ या "bulky pancreas"
- ERCP, EUS, स्टेंट या बायोप्सी की सलाह — क्यों, यह समझना है
- बिना कारण बार-बार पैंक्रियाटाइटिस
- एंडोस्कोपिक इलाज या सर्जरी — यह दुविधा
- अकेलेशिया: POEM, बैलून या सर्जरी
- "निकालने के लिए बहुत बड़ा" बताया गया पॉलिप
- बिना वजह का पीलिया या पित्त नली में सिकुड़न
कैसे होता है
- OPD बुक करें — मणिपाल व्हाइटफ़ील्ड या अश्विनी होसकोटे। "सेकंड ओपिनियन" बताएँ, ताकि ज़्यादा समय रखा जाए।
- सब कुछ लाएँ — रिपोर्टें, स्कैन CD/लिंक, बायोप्सी स्लाइड, दवाओं की सूची।
- इत्मीनान से समीक्षा — इतिहास, जाँच, और जहाँ संभव हो असली इमेज देखना।
- आसान भाषा में विकल्प — इंतज़ार समेत, हर एक के फ़ायदे-जोखिम।
- लिखित सारांश — अपने डॉक्टर के साथ साझा करने के लिए।
सेकंड ओपिनियन क्या है, क्या नहीं
- फ़ैसला आपका है। आप अपने मौजूदा डॉक्टर से ही इलाज जारी रख सकते हैं।
- कभी-कभी पक्की राय से पहले और जाँच की ज़रूरत हो सकती है।
- ऑनलाइन या सिर्फ़ रिपोर्ट देखकर राय नहीं दी जाती। सुरक्षित राय के लिए मिलना ज़रूरी है।
क्या लाएँ
- डॉक्टर के नोट्स और डिस्चार्ज सारांश
- सभी ख़ून जाँच रिपोर्टें
- स्कैन रिपोर्टें और इमेज (CD/USB/लिंक)
- एंडोस्कोपी, EUS, ERCP रिपोर्टें
- बायोप्सी रिपोर्ट; हो सके तो स्लाइड और ब्लॉक
- सभी दवाओं की सूची और आपके सवाल
समय और फ़ीस
सेकंड ओपिनियन वाली मुलाक़ात सामान्य परामर्श से लंबी होती है, इसलिए बुकिंग के समय ही बता दें। फ़ीस बुकिंग के समय हॉस्पिटल बताएगा। स्थान और समय देखें।
आम सवाल
क्या मेरे मौजूदा डॉक्टर बुरा मानेंगे?
सेकंड ओपिनियन अच्छी चिकित्सा का सामान्य हिस्सा है। लिखित सारांश उनके साथ साझा करने के लिए ही दिया जाता है।
क्या रिपोर्टें पहले ऑनलाइन भेज सकते हैं?
नहीं। राय केवल मिलने के बाद दी जाती है। कौन-सी रिपोर्टें लानी हैं, यह हॉस्पिटल को फ़ोन करके पूछ सकते हैं।